
पुसौर। नगर पंचायत पुसौर के वार्ड क्रमांक 11 निवासी और भाजपा समर्थित कार्यकर्ता अशोक साव एवं आलोक साव की माताजी श्रीमती पीली बाई विधवा सेल्हु साव का 78 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से कसेर समाज सहित पूरे पुसौर क्षेत्र में शोक की लहर है।

लंबे समय से थीं बीमार, बेटों ने की सेवा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती पीली बाई पिछले कई वर्षों से लकवा से पीड़ित थीं। उनकी सेवा-सुश्रुषा उनके दोनों पुत्रों द्वारा बखूबी की जा रही थी। बड़े पुत्र अशोक साव भाजपा समर्थित हैं और भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। छोटे पुत्र कीर्तन मंडली के संयोजक व पूजन सामग्री के विक्रेता आलोक साव भी सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। दोनों ने माताजी के इलाज के लिए हर संभव व्यवस्था की और अंतिम समय तक उनकी देखभाल की।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
स्व. पीली बाई का अंतिम संस्कार पूरे सामाजिक सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में कसेर समाज के अलावा अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद रूपेश साव और नगर पंचायत पुसौर के उपाध्यक्ष उमेश साव भी पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और 11वें दिन होने वाले दशगात्र कार्यक्रम में सभी क्षेत्रवासियों से सहभागी होने की अपील की।
कांस-पीतल के सिद्धहस्त कारीगर और मार्शल आर्ट के जानकार थे पति
स्व. पीली बाई के पति स्व. सेल्हु साव अपने समय के प्रसिद्ध कारीगर थे। वे कांस और पीतल के बर्तन बनाने में सिद्धहस्त थे। उनके बनाए बर्तन पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध थे। साथ ही वे कुंग-फू और कराटे के भी अच्छे जानकार माने जाते थे। उनके निकटस्थ और सेवानिवृत्त शिक्षक हेमसागर षडंगी ने बताया कि “सेल्हु साव जी की दो उंगलियों के सामान्य वार से ही लोग बेहोश हो जाते थे। लेकिन वे इस कला का कभी दुरुपयोग नहीं करते थे और इसीलिए उन्होंने यह जानकारी किसी को नहीं दी।”
समाज में शोक
स्व. पीली बाई मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। वार्ड की महिलाओं में उनका विशेष सम्मान था। उनके निधन की खबर मिलते ही आसपास के गांवों से भी लोग संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। दशगात्र कार्यक्रम की तिथि बाद में घोषित की जाएगी। परिवार ने सभी शुभचिंतकों से उपस्थित होकर पुण्य आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।


