

कोरबा वेस्ट से लेकर अडानी कंपनी तक 18 साल लगातार सेवा देने वाले कर्मचारी भी नहीं हो पाए स्थायी कर्मचारी, कई बार आवेदन करने के बाद भी नहीं मिल पाया स्थायी नौकरी का सम्मान और वेतन.
अडानी पावर लिमिटेड छोटे भंडार रायगढ़ में काम कर रहे सैकड़ों भू.अधिग्रहित कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने 2 सितंबर 2026 से कंपनी के मेन गेट के सामने शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इसकी लिखित सूचना थाना पुसौर और जिला प्रशासन को दे दी गई है। कर्मचारियों ने अपने आवेदन में बताया कि वर्ष 2007.2008 में जब कोरबा वेस्ट पावर कंपनी लिमिटेड ने उनकी जमीन अधिग्रहित की थी तब कंपनी ने जमीन के बदले हर परिवार को स्थायी नौकरी देने का वादा किया था। वर्ष 2018.19 में जब इस कंपनी को अडानी समूह ने टेकओवर किया तब भी प्रबंधन ने वही वादा दोहराया था। लेकिन 18 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें आज तक स्थायी नहीं किया गया। उल्टा प्रबंधन वैकेंसी नहीं है आप स्किल्ड नहीं हैं कहकर उन्हें टाल रहा है। जबकि आरोप है कि बाहर से आए लोगों को और जिनकी जमीन अधिग्रहण में गई ही नहीं है, उन्हें भी स्थायी नौकरी दी जा रही है। दूसरा बड़ा मुद्दा वेतन विसंगति का है। भू.अधिग्रहित स्थायी कर्मचारियों का वेतन हर साल बढ़ाया जा रहा है, प्रमोशन हो रहा है, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे भू.अधिग्रहितों को वही पुराना वेतन दिया जा रहा है वह भी केवल 25 दिन का। कर्मचारियों ने बताया कि 24 जून 2026 को एचआर हेड को ज्ञापन दिया था, प्रबंधन ने 15 दिन का समय मांगा था। समय पूरा होने पर 13 जुलाई से 24 जुलाई तक 15 दिन की सांकेतिक हड़ताल भी की गई फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए अब आर.पार की लड़ाई के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और शासन.प्रशासन की होगी। उक्त जानकारी सौंपे गए ज्ञापन से हुई है, इस संबंध में अडानी प्रबंधन का पक्ष बहरहाल सामने नहीं आया है


