

परियोजना प्रमुख श्री सुभाष ठाकुर ने फहराया तिरंगा, मेधावी छात्राओं, समाजसेवियों और समाज के वरिष्ठ जनों को किया सम्मानित
लारा, रायगढ़, 15 अगस्त 2026 । देश की आजादी के 80वें पर्व पर शनिवार को एनटीपीसी लारा परिसर देशभक्ति, गौरव और सामाजिक सरोकारों के रंग में रंगा नजर आया। समारोह में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, उत्कृष्टता, सामाजिक जिम्मेदारी और समावेशी विकास की भावना एक साथ दिखाई दी। समारोह के मुख्य अतिथि एवं एनटीपीसी लारा के परियोजना प्रमुख श्री सुभाष ठाकुर ने प्रातः 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल CISF के जवानों द्वारा अनुशासित एवं शानदार परेड के साथ सलामी गारद प्रस्तुत की गई। राष्ट्रगान के साथ पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से गूंज उठा।


“ऊर्जा से राष्ट्र निर्माण” – एनटीपीसी लारा की भूमिका*
अपने संबोधन में श्री सुभाष ठाकुर ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें अपने अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराती है। उन्होंने कर्मचारियों से ईमानदारी, अनुशासन, प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता के साथ कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में एनटीपीसी लारा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले पाँच दशकों से एनटीपीसी देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्तमान में एनटीपीसी समूह की स्थापित क्षमता 91,080 मेगावाट है, जबकि लगभग 35,000 मेगावाट क्षमता निर्माणाधीन है। वर्ष 2032 तक 149 गीगावाट क्षमता, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है, हासिल करने का लक्ष्य है। इसी ऊर्जा यात्रा में एनटीपीसी लारा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 4,305.34 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन किया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सहित देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में एनटीपीसी लारा की निरंतर भूमिका और उसकी समर्पित टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर*
श्री ठाकुर ने बताया कि एनटीपीसी लारा की विकास यात्रा में पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया जा रहा है। संयंत्र की स्थापना के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से पाँच वर्ष की वैधता वाली संचालन की सहमति प्राप्त होना पर्यावरणीय प्रतिबद्धता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 50,000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया तथा स्थापना से अब तक लगभग 6.89 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। इस वर्ष लगभग 70,000 पौधों तथा मियावाकी वृक्षारोपण द्वितीय चरण में 12,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण संरक्षण को आजीविका से जोड़ते हुए स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से प्रयुक्त बैग फिल्टरों से 7,500 से अधिक पुनः उपयोग योग्य थैले तैयार किए जा चुके हैं। इससे स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित हुए हैं।
सामाजिक उत्तरदायित्व और मेधा का सम्मान*
एनटीपीसी लारा के लिए राष्ट्र निर्माण का अर्थ केवल ऊर्जा उत्पादन नहीं, बल्कि आसपास के समुदायों का समावेशी विकास भी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला एवं बालिका सशक्तिकरण तथा ग्रामीण सुविधाओं के क्षेत्र में विभिन्न CSR पहलें संचालित की जा रही हैं। इनमें स्मार्ट कक्षा, सौर उच्च प्रकाश स्तंभ, सिलाई प्रशिक्षण, कोरबा स्थित CIPET में युवा कौशल विकास, ग्रामीण स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर तथा ‘शिक्षा चौपाल’ प्रमुख हैं।
बालिका सशक्तिकरण अभियान-2026 के अंतर्गत 82 बालिकाओं ने एक माह के आवासीय कार्यक्रम में भाग लिया, जबकि ‘कनेक्टिंग सोसायटी’ कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 350 बालिकाओं को साइकिलें प्रदान की गईं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुसौर विकासखंड के शासकीय विद्यालयों की कक्षा 10वीं के प्रतिभावान एवं शीर्ष स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित कर प्रोत्साहन स्वरूप साइकिल प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान आसपास के ग्रामों के उन वरिष्ठ एवं विशिष्ट नागरिकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने समाजसेवा एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके सामाजिक योगदान को सम्मानित करते हुए उन्हें क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
इस अवसर पर श्री एम. श्रीनाथ महाप्रबंधक O&M, श्री हेमंत पावगी महाप्रबंधक प्रोजेक्ट, श्री जाकिर खान HR प्रमुख, श्रीमती रेखा ठाकुर अध्यक्ष प्रेरिता महिला समिति सहित वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, प्रेरिता महिला समिति की सदस्याएं तथा लारा, झिलगीटार, कांदागढ़, बोड़ाझरिया, छपोरा, महलोई, आरमुड़ा, देवलसुर्रा और रियाँपाली सहित आसपास के ग्रामों के नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में राष्ट्र निर्माण की रोशनी तभी पूर्ण होती है, जब ऊर्जा के साथ शिक्षा, विकास के साथ पर्यावरण और प्रगति के साथ समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो – इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


