

रायगढ़, 13 जुलाई 2026 विकास की उम्मीद में एकजुट होकर रायगढ़ के ग्रामीणों ने अदाणी पावर लिमिटेड की प्रस्तावित 1600 मेगावाट Phase-III परियोजना को ऐतिहासिक समर्थन दिया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा रविवार को ग्राम सुपा, तहसील पुसौर में आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में संपन्न हुई।
परियोजना से प्रभावित 29 ग्राम पंचायतों से लगभग 1000 ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जनसुनवाई में पहुंचे। 2×800 मेगावाट की Ultra Super Critical Thermal Power Project के विस्तार को लेकर अधिकांश वक्ताओं ने पक्ष में राय रखी। उनका कहना था कि इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं ADM अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। CECB के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पाण्डेय की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की 14 सितंबर 2006 की अधिसूचना के तहत की गई। मंच पर SDM रायगढ़ महेश शर्मा और सहायक कलेक्टर गोकुल आर. के. भी मौजूद रहे। प्रशासन और CECB की निगरानी में कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित रहा।

जनसुनवाई में अदाणी पावर के अधिकारियों ने परियोजना की तकनीकी जानकारी दी। बताया गया कि इसमें Ultra Super Critical Technology का उपयोग होगा। साथ ही वायु गुणवत्ता, जल संरक्षण, फ्लाई ऐश प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास और पर्यावरण प्रबंधन योजना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों के सवालों और सुझावों का अधिकारियों ने विस्तार से जवाब भी दिया।
ग्रामीणों ने रखी विकास और रोजगार की मांग
बरपाली सरपंच संजय मैत्री, मिरौनी सरपंच मीना पटेल, सेमरा सरपंच गुलाबराम डनसेना, घुघुवा सरपंच जगन्नाथ चौहान, सुपा सरपंच अनिरुद्ध सिदार, बूंगा उपसरपंच दीनबंधु सिदार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार मिलेंगे। स्थानीय व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अदाणी फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पेयजल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की और उम्मीद जताई कि Phase-III के साथ ये काम और बड़े पैमाने पर होंगे।
अदाणी पावर लिमिटेड ने आश्वासन दिया कि परियोजना के सभी कार्य केंद्र और राज्य सरकार के पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए किए जाएंगे। कंपनी ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, स्थानीय रोजगार और गांवों के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। उत्साहपूर्ण भागीदारी और अधिकांश वक्ताओं के सकारात्मक रुख के साथ यह जनसुनवाई परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण बन गई है।
