

पुसौर जनपद क्षेत्र में स्थित उद्यान रोपणी बाघाडोला अब अपनी उद्यानिकी से न सिर्फ हरियाली फैला रहा है, बल्कि राजस्व भी अर्जित कर रहा है। स्थापना दिवस से लगातार विस्तार कर रही इस रोपणी में आज आम के पेड़ लहलहा रहे हैं और किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
1.91 लाख का लाभ केवल आम से
उद्यान रोपणी बाघाडोला के प्रभारी चंद्रभान सिदार जी के कुशल नेतृत्व और कार्यशैली का नतीजा है कि इस वर्ष केवल आम की फसल बेचकर 1 लाख 91 हजार रुपये का शुद्ध लाभ कमाया गया है। जिला स्तर के अधिकारियों के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश में की गई वैज्ञानिक खेती और समय पर देखभाल ने इस सफलता को संभव बनाया।
पुराने पौधे, नया मुनाफा
खास बात ये है कि सिदार जी कुछ साल पहले भी इसी बाघाडोला रोपणी में पदस्थ थे। उस समय उनके द्वारा लगाए गए पौधे आज फलदार होकर उद्यान को लाभ पहुंचा रहे हैं। संयोग देखिए, उन्हीं पौधों से आमदनी शुरू होने के बीच सिदार जी की यहां फिर से पदस्थापना हो गई।
अधिकारियों ने सराहा
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बाघाडोला रोपणी की इस उपलब्धि को सराहा है। उनका कहना है कि सरकारी रोपणियां अगर इसी तरह मेहनत और लगन से चलें, तो वे न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि आसपास के किसानों को भी उन्नत खेती के लिए प्रेरित करेंगी।
किसानों का कहना है कि “सिदार जी को पुराना बगीचा मिला, पर उन्होंने उसे सोने की तरह संवार दिया”।
किसानों के लिए प्रेरणा केंद्र बना बाघाडोला
चंद्रभान सिदार के वापस आने से क्षेत्र के किसानों और उद्यान प्रेमियों में नया उत्साह है। लोग पौध रोपण, सब्जी की खेती और आधुनिक बागवानी की तकनीक सीखने के लिए लगातार उनसे संपर्क कर रहे हैं। प्रभारी की रुचि और मेहनत की वजह से रोपणी हर दिन नए-नए फलों से गुलजार रहती है।
बाघाडोला उद्यान रोपणी अब पुसौर क्षेत्र में “हरा सोना उगाने” का प्रतीक बन चुकी है।
