रायगढ़। दीपावली एवं लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर वैदिक इंटरनेशनल स्कूल, रायगढ़ में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था की अनुपम झलक प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में दीपावली के उल्लास, उमंग और खुशियों के साथ-साथ छठ महापर्व की पवित्रता, श्रद्धा एवं लोक आस्था को सुंदर प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया गया।
छठ के गीतों पर छलकी आस्था –
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं भावुक क्षण छठ महापर्व के पारंपरिक लोकगीत पर आधारित नृत्य प्रस्तुति रही। छठी मैया के मधुर लोकगीत, पारंपरिक नृत्य मुद्राओं एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। प्रस्तुति इतनी हृदयस्पर्शी रही कि अनेक दर्शकों की आँखें नम हो गईं और पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो उठा।
शिक्षा का अर्थ केवल किताबें नहीं –
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री राजीव रंजन सिंह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास करना भी है। भारत की वास्तविक पहचान उसकी विविधतापूर्ण संस्कृति, समृद्ध परंपराओं एवं पर्व-त्योहारों में निहित है। विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा उनमें भारतीय विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करना विद्यालय का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि मंच पर प्रस्तुत प्रत्येक कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अनुशासन, सामूहिक सहभागिता एवं निरंतर अभ्यास का परिणाम होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
पर्दे के पीछे के नायक –
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के समन्वयक श्री संतोष पटेल, श्रीमती दीपिका खंडेलवाल एवं श्रीमती कविता साहू का मार्गदर्शन एवं सहयोग सराहनीय रहा। वहीं, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों को साकार करने में नृत्य प्रशिक्षक श्री नितिन घरपाल एवं श्रीमती धनश्री घरपाले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल प्रशिक्षण, रचनात्मक निर्देशन एवं अथक परिश्रम से विद्यार्थियों ने मंच पर अनुशासित, आकर्षक एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। विशेष रूप से छठ महापर्व पर आधारित नृत्य के माध्यम से उन्होंने लोक संस्कृति की आत्मा, श्रद्धा एवं भावनाओं को सजीव कर दिया। विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी अपने मार्गदर्शन, सहयोग एवं समर्पण से आयोजन को सफल एवं यादगार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी के सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव बन गया।
उल्लेखनीय है कि आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक आस्था, पारिवारिक मूल्यों एवं परंपराओं के संरक्षण का सार्थक संदेश भी बना। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संजोकर रखना भी उतना ही आवश्यक है। आज जब मोबाइल और सोशल मीडिया का प्रभाव बच्चों पर बढ़ रहा है, ऐसे समय में वैदिक इंटरनेशनल स्कूल का यह आयोजन बताता है कि यदि हर विद्यालय दीपावली को केवल पटाखों और छठ को केवल एक पर्व तक सीमित न रखकर, उसे संस्कार की शिक्षा बना दे, तो आने वाली पीढ़ी किताबों के साथ-साथ अपनी मिट्टी से भी जुड़ी रहेगी। यही इस कार्यक्रम की सच्ची सफलता है।
