Ntpc लारा से निकलेगी छत्तीसगढ़ के बैडमिंटन की नई उड़ान , खिला प्रतिभा का कमल, अब राष्ट्रीय मंच पर दिखेगा दम

रायगढ़ जिले के ntpc लारा में संपन्न हुई 25वीं छत्तीसगढ़ राज्य सब-जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप केवल एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए भविष्य का द्वार थी। 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक चले इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 300 खिलाड़ियों और 34 टीमों ने जिस अनुशासन और जुनून का प्रदर्शन किया, उसने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ अब खेलों में भी अपनी अलग पहचान बनाने को तैयार है।
ग्रामीण प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय मंच –
इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसमें केवल बड़े शहरों के ही नहीं, बल्कि छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर और धमतरी के खिलाड़ियों ने अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग के सिंगल्स, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में शानदार खेल दिखाया। अब इन्हीं में से चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय अंडर-15 एवं अंडर-17 बैडमिंटन चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए जीवन का सबसे बड़ा अवसर है।
एनटीपीसी लारा की भूमिका सराहनीय –
इस आयोजन को सफल बनाने में एनटीपीसी लारा और रायगढ़ जिला बैडमिंटन संघ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। एनटीपीसी ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच दिया जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें। परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर एवं प्रेरिता महिला समिति की अध्यक्ष रेखा ठाकुर की उपस्थिति ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। जब एक बड़ा औद्योगिक संस्थान खेलों को बढ़ावा देता है, तो उसका संदेश दूर तक जाता है।
खेल से बनता है चरित्र –
बैडमिंटन जैसे खेल में केवल शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि धैर्य, एकाग्रता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होती है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने जीत-हार से ऊपर उठकर खेल भावना का परिचय दिया। तकनीकी अधिकारियों और निर्णायकों का सम्मान भी आयोजन की गरिमा को दर्शाता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि ऐसे आयोजनों को केवल वार्षिक औपचारिकता न समझा जाए। चयनित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए निरंतर प्रशिक्षण, अच्छे कोच और पौष्टिक आहार की सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि वे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन कर सकें।
Ntpc लारा से शुरू हुआ यह सफर यदि सही दिशा में आगे बढ़ा, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ से भी पी.वी. सिंधु और लक्ष्य सेन जैसे सितारे निकलेंगे। यही इस चैंपियनशिप की सच्ची सफलता होगी।
