
लेक्रॉस में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई देशों को हराया, गांव में रंगोली और दीयों से स्वागत

अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर मलेशिया में आयोजित प्रतियोगिता में कई देशों के खिलाड़ियों को पराजित कर कांस्य पदक जीतकर जब पुसौर क्षेत्र के ग्राम महलोई की तीन बेटियां अपने घर लौटीं, तो पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने उनके स्वागत के लिए घर-घर में रंगोली सजाई और दीये जलाए।
इस उपलब्धि पर ग्राम पंचायत महलोई द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सरपंच श्री तरुण प्रधान एवं पंचायत के अन्य पदाधिकारियों ने किया। समारोह में हरित सेवा समिति के अध्यक्ष श्री सीताराम चौहान, उद्घोषक समूह प्रमुख श्री प्रेम गुप्ता तथा पिछड़ा वर्ग भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री मनोरंजन साहू विशेष रूप से शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार यह सम्मान समारोह बीते गुरुवार शाम को आयोजित किया गया था। इस दौरान विष्णुचरण महाविद्यालय में अध्ययनरत तीन छात्राओं – मानसी भूमिया पिता कार्तिक भूमिया, सोनम बंजारा पिता अजय बंजारा तथा शांति प्रधान पिता गोकुल प्रधान को सम्मानित किया गया। तीनों ने लैक्रॉस (Lacrosse) खेल में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल की है।
मंच से हरित सेवा समिति के अध्यक्ष सीताराम चौहान ने महिला खिलाड़ियों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों ने खेल के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गांव का नाम रोशन किया है। उन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहना चाहिए।
महलोई की पहचान को लेकर चर्चा
इस अवसर पर मनोरंजन साहू ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। पुसौर क्षेत्र में लैक्रॉस खेल की स्थापना, उसके विकास और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने शासन स्तर पर और व्यक्तिगत रूप से भी हमेशा सहयोग किया है। अंत में सरपंच तरुण प्रधान ने कहा कि इन बेटियों के कारण आज ग्राम महलोई प्रदेश भर में चर्चित हो गया है।
गौरतलब है कि रायगढ़ जिले में दो महलोई गांव हैं, जिन्हें तमनार महलोई और पुसौर महलोई के नाम से जाना जाता है। कुछ साल पहले पुसौर महलोई के नाम से हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मान्यता सरकार द्वारा दी गई थी, लेकिन वह स्कूल तमनार महलोई में खुल गया था, जिसके कारण पुसौर महलोई को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था। इस विषय को लेकर सरपंच तरुण प्रधान के पिता दिवंगत वरिष्ठ शिक्षक परमानंद प्रधान ने भी दुख व्यक्त किया था। अब वही महलोई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताब जीतने वाली इन बालिकाओं के नाम से प्रदेश में दर्ज हो गया है, ऐसी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।


