
कर्मचारियों, औद्योगिक संगठनों और राजनीतिक संगठनों द्वारा बार.बार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन, चक्का जाम तालाबंदी और धरना.प्रदर्शन पर लग सकता है लगाम.

जिला प्रशासन ने जिले की बड़ी औद्योगिक इकाई अडानी पावर लिमिटेड छोटे भंडार के संपूर्ण परियोजना क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने दिनांक 01 सितंबर 2026 को यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 25, 26 और 28 के तहत जारी किया गया है। आदेश के अनुसार ग्राम छोटे भंडार बड़े भंडार अमलीभौना सरवानी जिला रायगढ़ स्थित अडानी पावर लिमिटेड की पूरी जमीन अब संरक्षित क्षेत्र मानी जाएगी। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अडानी पावर लिमिटेड के अधिकृत अधिकारी ने 19 मई 2026 को पत्र भेजकर संयंत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि संयंत्र ऊर्जा उत्पादन की अति महत्वपूर्ण इकाई है। यहां कर्मचारियों औद्योगिक संगठनों और राजनीतिक संगठनों द्वारा बार.बार विरोध प्रदर्शन, चक्का जाम तालाबंदी और धरना.प्रदर्शन किया जाता है जिससे बिजली उत्पादन बाधित होने और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है। एसडीएम रायगढ़, तहसीलदार पुसौर और थाना प्रभारी पुसौर की जांच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने यह फैसला लिया है।
इससे पहले 06 दिसंबर 2021 को एनटीपीसी लारा के पूरे क्षेत्र को भी इसी तरह संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा। केवल अपर कलेक्टर एसडीएम रायगढ़ या अडानी पावर के अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र और प्रवेश पत्र वाले व्यक्ति को ही प्रवेश मिलेगा। प्रवेश पत्र में कहां जाना है क्या काम है समय और दिनांक स्पष्ट लिखा होना अनिवार्य है।कलेक्टर की लिखित अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति संगठन यूनियन धरना प्रदर्शन नारेबाजी जुलूस या सभा नहीं कर सकेगा। बिना अनुमति के वायरलेस सेट कैमरा टेप रिकॉर्डर हथियार विस्फोटक केमिकल या ज्वलनशील पदार्थ लेकर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बिना अनुमति इस क्षेत्र में घूमना ठहरना या आसपास मंडराना भी अपराध माना जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


