

कलमी के गुप्तेश्वर धाम में सावन के आखिरी सोमवार पर भक्तों का तांता, अन्नपूर्णा समिति के भंडारे में जुटे हजारों श्रद्धालु, स्वयंभू महादेव के दर पर गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, अंतिम सोमवार पर बाबा गुप्तेश्वर धाम में रहा मेला जैसा माहौल.
पुसौर तहसील के ग्राम कलमी में स्थापित प्रसिद्ध बाबा गुप्तेश्वर धाम में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां स्थापित स्वयंस्फूर्त भगवान महादेव के शिवलिंग पर जलाभिषेक और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जैसे ही सावन का महीना बाबा का प्रिय महीना है, वैसे में भक्तों की भीड़ न हो, यह कैसे संभव हो सकता है।
बताया जाता है कि श्रावण माह के प्रत्येक दिन इस मंदिर में भक्त बेलपत्र और जल चढ़ाने आते हैं, लेकिन सोमवार का दिन विशेष होने के कारण यहां न केवल आसपास के गांवों से, बल्कि पूरे जिले भर से श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है। इस कारण अंतिम सोमवारी को बाबा को जल चढ़ाने के लिए भक्तों को घंटों तक कतार में लगना पड़ा। भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट समिति द्वारा जल चढ़ाने, कतार प्रबंधन और सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी।
10 हजार से अधिक श्रद्धालु, भंडारे में उमड़े भक्त
ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार को 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई। जिला मुख्यालय से पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता के पुत्र अरुण गुप्ता, सरपंच संघ के अध्यक्ष मृत्युंजय ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने भी बाबा गुप्तेश्वर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की, जिसकी पुष्टि ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने की है। वर्ष 2018 से अन्नपूर्णा समिति द्वारा श्रावण सोमवार के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, ताकि दूर-दराज से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को प्रसाद से वंचित न होना पड़े। इस बार भी भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने अन्न प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के पूर्व इस वर्ष सुबह खिचड़ी प्रसाद की भी व्यवस्था रही. उल्लेखनीय है कि इस मंदिर में अन्नपूर्णा महायज्ञ की परंपरा 1986 से चली आ रही है, जो प्रत्येक गुरुवार को अन्नपूर्णा समिति द्वारा 21 गुरुवार तक आयोजित की जाती है। चूंकि अन्नपूर्णा अन्न से जुड़ी देवी हैं, इसलिए इसी भावना से भंडारे की शुरुआत की गई थी।
सड़क और पार्किंग की समस्या, ट्रस्ट ने दिया आश्वासन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच कुछ असुविधाएं भी सामने आईं। पुसौर-सरिया रोड पर स्थित मचिदा से कलमी तक की दूरी महज 3 किलोमीटर है, लेकिन यह सड़क सिंगल होने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा। साथ ही मंदिर परिसर के आसपास पार्किंग की भी असुविधा है।
इन समस्याओं को लेकर ट्रस्ट प्रमुख घनश्याम गुप्ता ने बताया कि इन सभी तथ्यों से वे वाकिफ हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सड़क निर्माण के लिए क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री चौधरी जी द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि शासकीय स्तर पर सड़क निर्माण में विलंब होता है, तो ट्रस्ट द्वारा जन सहयोग से अस्थाई मरम्मत और पार्किंग की सुगम व्यवस्था स्वयं कर ली जाएगी, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के अमले, थाना प्रभारी व उनके अमला और अभिनव स्कूल के छात्रों ने भी सराहनीय सेवा दी। छात्रों ने बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने और भंडारा स्थल तक पहुंचाने में हर संभव मदद की, जिसकी सभी ने सराहना की। मंदिर परिसर दिनभर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा।


