
अभिनव स्कूल के 100 छात्रों ने देखा पावर प्लॉट संचालन, किताबों से निकलकर प्लांट तक: अडानी पावर के उड़ान प्रोजेक्ट से बच्चों को उद्योग की सीख, प्रोजेक्टर से लेकर फील्ड विजिट तक की व्यवस्था.

पुसौर तहसील क्षेत्र में स्थापित अडानी पावर प्लांट केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने सीएसआर (CSR) कार्यक्रमों के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में भी लगातार आम लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में अडानी समूह के महत्वाकांक्षी ‘उड़ान’ अभियान के तहत पुसौर मुख्यालय के प्रतिष्ठित अभिनव स्कूल के छात्रों को पावर प्लांट का शैक्षिक भ्रमण कराया गया।
जानकारी के अनुसार, अभिनव स्कूल प्रबंधन ने छात्रों के लिए औद्योगिक शैक्षिक भ्रमण की मंशा जाहिर की थी। इस पर अडानी प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए न केवल अपनी सहमति दी, बल्कि दो अलग-अलग दिनों तक अपनी निजी बसें स्कूल भेजकर छात्रों को ससम्मान प्लांट तक पहुंचाया। इस दौरान सुरक्षा और अनुशासन का पूरा ख्याल रखा गया।
पहले दिन 12वीं के 50 छात्रों ने लिया अनुभव
स्कूल प्रबंधन प्रमुख अक्षय कुमार सतपथी के मुताबिक, 21 अगस्त को कक्षा 12वीं के 50 छात्रों का पहला जत्था प्लांट के लिए रवाना हुआ। प्लांट पहुंचने पर छात्रों का आत्मीय स्वागत किया गया। सबसे पहले सभी छात्रों को सुरक्षा के लिहाज से गुलाबी रंग की टी-शर्ट, हेलमेट और टोपी प्रदान की गई और नाश्ता-पानी कराया गया। इसके पश्चात प्रोजेक्ट ऑफिसर नीरज साहिस ने प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को पूरे प्लांट की कार्यप्रणाली, बिजली उत्पादन की प्रक्रिया और उसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया। इस सत्र को इंटरैक्टिव बनाया गया जिसमें छात्रों से बीच-बीच में सवाल पूछे गए और छात्रों ने भी बड़ी उत्सुकता के साथ बिजली उत्पादन, पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार से जुड़े कई जिज्ञासु सवाल किए, जिनका अधिकारियों ने सरलता से जवाब दिया। थ्योरी के बाद छात्रों को प्लांट के उन हिस्सों में ले जाया गया, जहां उनका जाना सुरक्षित था। वहां उन्होंने विशाल टर्बाइन, कंट्रोल रूम और अन्य इकाइयों को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
इस शैक्षिक भ्रमण के दौरान स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक उमेश कुमार साव, जगन्नाथ सर, संतोष पटेल सर, मनोरमा शर्मा, कु. प्रतिमा प्रधान मैम सहित अन्य सहायक शिक्षक मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रों को अनुशासित रखने और उनकी जिज्ञासाओं को शांत करने में सहयोग किया।
दूसरे दिन भी 50 छात्रों का जत्था पहुंचा प्लांट
इसी क्रम में 22 अगस्त को दूसरे दिन पुनः अडानी प्रबंधन द्वारा बस भेजी गई, जिसमें 50 छात्रों का दूसरा समूह प्लांट के शैक्षिक भ्रमण पर गया। उन्हें भी पहले दिन की तरह ही पूरी व्यवस्था और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस प्रकार कुल 100 छात्रों ने इस ‘उड़ान’ अभियान का लाभ उठाया।
प्रबंधन की सराहना
उल्लेखनीय है कि इस पूरे शैक्षिक भ्रमण के दौरान अडानी प्रबंधन द्वारा जिस आत्मीयता और व्यवस्थित तरीके से व्यवहार किया गया, उसकी स्कूल प्रबंधन और छात्रों ने मुक्त कंठ से सराहना की है। प्रबंधन ने इस अभियान में होने वाले व्ययभार की परवाह न करते हुए, छात्रों के भविष्य और औद्योगिक ज्ञान को प्राथमिकता दी, जो निश्चित रूप से शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने वाला एक सराहनीय कदम है।


