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शिक्षा के दीपक बुझे: नहीं रहे बंछावट साव

सफारी के लिबास में banchhavat sav जी

      पुसौर ने खोया शिक्षक-युग का एक दीपक: सेवानिवृत्त शिक्षक बंछावट साव का 85 वर्ष में निधन, शिक्षा के प्रति समर्पित जीवन का अंत, नगर में शोक की लहर, जन जागरण मंच पर दी गई श्रद्धांजलि.
       नगर ने शिक्षा जगत के एक समर्पित स्तंभ को खो दिया। पुसौर के वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त शिक्षक बंछावट साव का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। परिजनों ने उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

        उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। बंछावट साव का जीवन शिक्षा के प्रति समर्पण की एक मिसाल था। लगभग 1965 के आसपास उन्होंने शिक्षकीय पेशे से जुड़कर अपने करियर की शुरुआत की थी। जिले के कई स्कूलों में अपनी सेवाएं देने के बाद वे अंततः शासकीय प्राथमिक शाला पुसौर से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान वे केवल एक शिक्षक नहीं बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और अभिभावक के रूप में जाने जाते थे। अपनी सेवा के दौरान तत्कालीन शिक्षक समाख्या योजना के तहत उन्होंने शिक्षा विभाग से कई सम्मान और अवार्ड भी अर्जित किए थे जो उनके कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व का प्रमाण है। सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने सेवाभावी स्वभाव के कारण पेंशनर संघ से जुड़ गए। इस दौरान वन विभाग से सेवानिवृत्त पेंशनर संघ के प्रमुख पूर्णचंद्र कसेर के साथ उनका निरंतर संपर्क और आना-जाना बना रहा। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी जीवंत दिनचर्या थी। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सुबह तड़के उठकर स्नान-ध्यान कर दिन की शुरुआत करते थे। पूर्व नगर अध्यक्ष किशोर कसेर अक्सर उनकी इस अनुशासित दिनचर्या की प्रशंसा करते थे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी उनके पास बैठकर चाय-नाश्ता करते और ताश खेलते हुए जीवन के अनुभव साझा करते थे। वे एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे वार्ड के लिए एक परिवार जैसे थे। उक्त वार्ड के पार्षद उमेश साव ने बताया कि वे कुछ ही दिन अस्वस्थ रहे। इस दौरान परिवार ने उनकी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके अंतिम संस्कार में कसेर समाज के साथ-साथ अन्य इष्ट-मित्र शिक्षक साथी और आसपास के ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल हुए और नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार को मूर्तरूप देने वाले उनके छोटे भाई रामायणी बल्लभ साव सहित समस्त परिवारजनों ने अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है। परिवार ने कहा है कि दशगात्र कार्यक्रम को भी इसी आत्मीयता के साथ संपन्न कराने का कष्ट करें। इधर पुसौर के जन जागरण मंच पर नगर अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी सहित अन्य पार्षद जनप्रतिनिधि और जागरूक नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साथ बिताए हुए पलों को याद कर उन्हें नमन किया।

Goutam Panda

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EDITOR - CG LIVE NEWS

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