


पूर्व माध्यमिक बच्चों ने बड़ी कक्षाओं को दी टक्कर: लिटिल एंजिल स्कुल, करमा, राउत नाचा, पंडवानी से सजी प्रस्तुति को मिली खूब वाहवाही.
रायगढ़, 15 अगस्त 2026 । पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और अन्य क्षेत्रों में सदैव अग्रणी रहने वाले पुसौर अंचल के एकमात्र CBSE मान्यता प्राप्त विद्यालय लिटिल एंजल पब्लिक स्कूल, तड़ोला के छात्र-छात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जिला प्रशासन द्वारा रायगढ़ मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता में जिले के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में लिटिल एंजल के पूर्व माध्यमिक स्तर के बच्चों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया।
विद्यालय के बच्चों ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत करमा नृत्य से की। इसके बाद राउत नाचा, जस गीत और सुवा नृत्य की आकर्षक झलकियां प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम का समापन पंडवानी की प्रस्तुति और पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। बच्चों की ऊर्जा, अनुशासन और लोक कला की प्रस्तुति अत्यंत मनमोहक एवं आकर्षक रही। पूरी प्रस्तुति के दौरान मिनी स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।
इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि अन्य अधिकांश विद्यालयों से उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था, जबकि लिटिल एंजल की ओर से पूर्व माध्यमिक स्तर के छोटे बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके बावजूद बच्चों ने पूरे जिले में तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बच्चों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय की सांस्कृतिक टीम को जाता है। इसमें सांस्कृतिक प्रभारी श्री राजकुमार गुप्ता और नृत्य निर्देशक श्री मयंक श्रीवास्तव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय प्रबंधन के संचालक श्री दुष्यंत प्रधान जी एवं श्री ऋषि पटेल जी, संस्था प्रमुख श्री नरेश निषाद सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को तैयार करने में अपूर्व मेहनत की। यह उल्लेखनीय है कि जिला शिक्षा अधिकारी के पहल पर पहली बार लिटिल एंजल पब्लिक स्कूल को जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रस्तुति का अवसर मिला। अवसर मिलते ही विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत सहमति देते हुए बच्चों को प्रतियोगिता के लिए तैयार किया। जिला स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति को भी आगे बढ़ाने में अग्रणी है।


