

अदाणी फाउंडेशन के ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में 130 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, विजेता बच्चों का सरपंच और कंपनी के साइट हेड ने किया सम्मान
मिलूपारा / रायगढ़ (cglivenews.in) 30 सितंबर 2026
रायगढ़ जिले के मिलूपारा में मंगलवार को स्वच्छता एक किताबी विषय नहीं, बल्कि रचनात्मक उत्सव बन गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा – 2026’ के अंतर्गत मिलूपारा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल में स्वच्छता जागरूकता को लेकर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी सोच और हुनर से सभी का दिल जीत लिया।
तीन प्रतियोगिता, एक ही संदेश – स्वच्छ रहो, स्वस्थ रहो
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता पर जागरूकता सत्र से हुई। फाउंडेशन की टीम ने बच्चों को सिंगल यूज प्लास्टिक के नुकसान, कचरा पृथक्करण (गीला-सूखा कचरा), और रीसाइक्लिंग के महत्व के बारे में बताया। इसके बाद तीन प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं –

1. कबाड़ से जुगाड़ (Waste to Wonder) : यह सबसे आकर्षक स्पर्धा रही। बच्चों ने घरों में बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतलों, पुराने अखबारों, गत्ते के डिब्बों, नारियल की रस्सी और टूटे खिलौनों से डस्टबिन, पेन स्टैंड, वॉल हैंगिंग और स्वच्छता के मॉडल बनाए। संदेश साफ था – कचरा कचरा नहीं, संसाधन है।
2. पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता : बच्चों ने रंगों के जरिए स्वच्छ गांव, स्वस्थ भविष्य, प्लास्टिक मुक्त भारत और जल संरक्षण जैसे विषयों पर दिल को छू लेने वाले पोस्टर बनाए।
3. स्लोगन लेखन प्रतियोगिता : “स्वच्छता ही संस्कार है”, “कचरे को न बिखराओ, भविष्य को संवारो” जैसे नारों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस पूरे कार्यक्रम में कक्षा 6वीं से 10वीं तक के लगभग 130 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

मंच पर जनप्रतिनिधि और प्रबंधन एक साथ
बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए पूरा गांव और प्रबंधन एक मंच पर दिखा। मुख्य रूप से ग्राम पंचायत मिलूपारा के सरपंच उद्धव भगत, उपसरपंच सीताराम चौधरी उपस्थित रहे। विद्यालय की ओर से प्राचार्य श्रीमती इलिसबा लकड़ा के नेतृत्व में शिक्षकों – वासुदेव प्रधान, जयराम सिदार, मीना पटेल, बलदेव राठिया, प्रतिभा यादव, ललिता भोई, चंपावती सिदार और कौशिल्या सिदार ने व्यवस्था संभाली। वहीं अदाणी समूह की ओर से साइट हेड, पर्यावरण विभाग (Environment Head) और सीएसआर (CSR) टीम के सदस्यों ने बच्चों के साथ संवाद किया और स्वच्छता को जीवनशैली बनाने की अपील की।
प्रतिभा का सम्मान: ये रहे विजेता निर्णायक मंडल द्वारा सभी कृतियों का अवलोकन करने के बाद विजेताओं का चयन किया गया, जिन्हें मंच से पुरस्कृत किया गया – कबाड़ से जुगाड़ वर्ग में :
प्रथम स्थान – मीनू गुप्ता (कक्षा 10वीं)
द्वितीय स्थान – किन्जल लहरे
तृतीय स्थान – रीमा गुप्ता , स्लोगन लेखन वर्ग में : प्रथम स्थान – रीमा गुप्ता (कक्षा 8वीं), द्वितीय स्थान – सुमन कलंगा तृतीय स्थान – सविता प्रजापति, पोस्टर पेंटिंग वर्ग में : प्रथम स्थान – सोहद्रा प्रधान (कक्षा 8वीं) द्वितीय स्थान – अंजू सिदार, तृतीय स्थान – पिंकी राठिया
बच्चे बने स्वच्छता दूत
आयोजन को लेकर अदाणी फाउंडेशन की ओर से सभी प्रतिभागियों को ड्राइंग पेपर, कलर पेंसिल, रबर, कटर जैसी आवश्यक सामग्री निःशुल्क प्रदान की गई थी। साइट हेड ने अपने उद्बोधन में कहा, “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। जब एक बच्चा जागरूक होता है, तो वह अपने माता-पिता, परिवार और पूरे मोहल्ले को जागरूक करता है। बच्चे ही स्वच्छता के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर हैं।” प्राचार्य श्रीमती इलिसबा लकड़ा ने अदाणी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में न केवल रचनात्मकता बढ़ती है, बल्कि सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी व्यावहारिक समझ भी विकसित होती है।
अदाणी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका प्रयास है कि स्कूली विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर समुदाय स्तर पर स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाया जाए। एक जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार से शुरू कर पूरे गांव में स्वच्छता की अलख जगा सकता है, इसी उद्देश्य से फाउंडेशन समय-समय पर ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है।


