प्रगतिशील कृषक चंद्रशेखर और गोवर्धन प्रधान के फार्म पर एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण – 10 और 12 साल के पौधों से सीखा वैज्ञानिक प्रबंधन

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शिक्षा जब खेत की मिट्टी से जुड़ती है, तभी वह सार्थक बनती है। इसी सोच के साथ अभिनव विद्या मंदिर, पुसौर के कक्षा 11वीं एवं 12वीं कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं ने ग्राम सुकुल भटली स्थित प्रगतिशील कृषक श्री चंद्रशेखर प्रधान एवं उनके पुत्र श्री गोवर्धन प्रधान के ऑयल पाम (ताड़ के तेल) के खेत का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया।
यह ज्ञानवर्धक भ्रमण विद्यालय के प्राचार्य श्री अक्षय कुमार सतपथी के कुशल मार्गदर्शन एवं कृषि शिक्षक श्री ओम प्रकाश साहू तथा श्रीमती शकुंतला प्रधान की देखरेख व नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
खेत में मिला लाइव क्लासरूम का अनुभव –
भ्रमण के दौरान शिक्षकों एवं प्रगतिशील कृषक द्वय ने विद्यार्थियों को ऑयल पाम की वैज्ञानिक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दीं। छात्रों को बताया गया कि –
- ऑयल पाम का पौधा रोपण के बाद लगभग 30 वर्ष तक लगातार उत्पादन देता है, जो किसानों के लिए दीर्घकालिक और स्थायी आय का बेहतरीन जरिया है।
- एक बार रोपण के बाद 3 साल से फल आना शुरू होता है और फिर हर महीने फलों के गुच्छे आते हैं।
- शासन द्वारा इसके लिए पौधे, बोरवेल और फेंसिंग पर अनुदान भी दिया जा रहा है और बाजार की चिंता भी नहीं है।
10 और 12 साल के पौधों का प्रत्यक्ष अवलोकन –
फील्ड विजिट के दौरान कृषि संकाय के छात्रों ने मौके पर ऑयल पाम के विभिन्न आयु वाले पौधों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान वहां 10 वर्ष एवं 12 वर्ष की आयु के स्वस्थ पौधे देखने को मिले। विद्यार्थियों ने उनकी बढ़वार, फलों के गुच्छों (Fresh Fruit Bunch), खाद प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई तकनीकों और इंटरक्रॉपिंग का बारीकी से अध्ययन किया तथा अपनी शंकाओं का समाधान किया। किसान गोवर्धन प्रधान ने बताया कि कैसे उन्होंने शुरुआती 3 सालों में बीच की जमीन में सब्जी और अनानास लगाकर अतिरिक्त आय ली।
प्राचार्य का संदेश – “किसान का बेटा ही नहीं, हर छात्र बने स्मार्ट किसान” –
विद्यालय के प्राचार्य श्री अक्षय कुमार सतपथी ने इस शैक्षणिक भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि, “कृषि संकाय के विद्यार्थियों के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ मैदानी एवं व्यावहारिक अनुभव अत्यंत आवश्यक है। सुकुल भटली जैसे प्रगतिशील किसानों के खेत ही हमारे असली प्रयोगशाला हैं। इस प्रकार के भ्रमण से विद्यार्थियों में व्यावहारिक समझ और कृषि विज्ञान के प्रति रुचि विकसित होती है और वे भविष्य में खेती को घाटे का नहीं, मुनाफे का सौदा बना सकेंगे।” इस शैक्षणिक भ्रमण में कक्षा 11वीं एवं 12वीं कृषि संकाय के सभी छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और इसे अपने अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया। छात्रों ने कहा कि अब वे ऑयल पाम की खेती को एक स्टार्टअप की तरह देखते हैं।
