विश्व आदिवासी दिवस पर गारे पेलमा-2 और अदाणी फाउंडेशन का भव्य आयोजन, 20 गांवों के 500 से अधिक लोग शामिल, ‘बिरहोर’ पत्रिका का हुआ विमोचन

          रायगढ़, 11 अगस्त 2026 । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर तमनार क्षेत्र में सांस्कृतिक एकता और आदिवासी गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाजेनको की गारे पेलमा-2 कोलियरीज लिमिटेड ने अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से आश्रित ग्राम मुड़ागांव (सराईटोला) में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया।
             कार्यक्रम में तमनार क्षेत्र के आसपास के 20 गांवों से 500 से अधिक ग्रामीण, महिलाएं, युवा और स्कूली बच्चे शामिल हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, लोककला और सामाजिक योगदान को सम्मान देना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना था।
             कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज तहसील तमनार के अध्यक्ष चक्रधर सिंह राठिया और जनपद सदस्य नंदिनी मनोज राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसके अलावा विभिन्न ग्रामों के सरपंच, उपसरपंच, पंचायत प्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
          कार्यक्रम का सांस्कृतिक पक्ष सबसे आकर्षक रहा। आत्मानंद शासकीय विद्यालय कुंजेमुरा, शासकीय माध्यमिक विद्यालय सराईटोला और शासकीय प्राथमिक विद्यालय मुड़ागांव की कुल 17 छात्राओं ने पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। ढोल-मांदल की थाप पर दिए गए इन नृत्यों में आदिवासी समाज की लोक परंपराओं और सामुदायिक एकता की जीवंत झलक देखने को मिली। दर्शकों ने तालियों से छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘बिरहोर’ पत्रिका का विमोचन रहा। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से 16 पृष्ठीय इस पत्रिका का लोकार्पण किया। तमनार की सीएसआर टीम ने लगभग 25 से 30 दिनों के शोध और दस्तावेजीकरण के बाद इस पत्रिका को तैयार किया है। इसकी 150 प्रतियां प्रकाशित की गई हैं। पत्रिका में बिरहोर समुदाय की सभ्यता, संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, रहन-सहन, खान-पान और सामाजिक विरासत को विस्तार से संकलित किया गया है। इसे बिरहोर समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
          इस अवसर पर बिरहोर समुदाय के 12 सदस्यों को उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाली छात्राओं को भी उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। अदाणी फाउंडेशन की ओर से क्षेत्र के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित नागरिकों को भी सम्मानित किया गया।
         अदाणी फाउंडेशन तमनार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। फाउंडेशन के सहयोग से क्षेत्र के विद्यार्थियों का एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और उत्कर्ष विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन हुआ है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा से हजारों ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही जल संरक्षण और सामुदायिक विकास के कार्य भी निरंतर किए जा रहे हैं।
         कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। विश्व आदिवासी दिवस पर हुए इस आयोजन ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और सम्मान के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।

Goutam Panda

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EDITOR - CG LIVE NEWS

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