

पारस पोर्टल से होगी हर महीने निगरानी, राजस्व के लंबित प्रकरणों पर जताई नाराजगी
रायपुर, 6 अगस्त 2026 । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता को प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले। “डबल इंजन सरकार” का उद्देश्य है कि योजनाओं का फायदा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
क्या कहा सीएम ने – 5 बड़ी बातें
- लापरवाही नहीं चलेगी
सीएम ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे। - राजस्व के लंबित मामलों पर नाराजगी
सीमांकन से संबंधित लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री ने विशेष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं और सक्षम अधिकारी के आदेश के बाद भी समय पर सीमांकन नहीं हो रहा। इससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। सीएम ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरण निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से निराकृत किए जाएं। - पारस पोर्टल बनेगा निगरानी का हथियार
सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की निगरानी अब पारस पोर्टल से होगी। सीएम ने कहा कि अब हर महीने के अंतिम मंगलवार को पोर्टल के जरिए राज्य स्तर पर सभी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा होगी। इससे गति आएगी और समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। - जिला कलेक्टरों को मिली जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर लापरवाही का कारण प्रभावी मॉनिटरिंग का अभाव है। सभी कलेक्टर नियमित समीक्षा कर मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। - पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सीएम साय ने कहा कि पारस पोर्टल शासन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती देगा। इससे जनता तक शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
बैठक में कौन रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, स्कूल शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह, आईटी सचिव अंकित आनंद, राजस्व सचिव शम्मी आबिदी सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
