
ग्रामीण क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम शिक्षा की अलख जगा रहे लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल तड़ोला में दो दिवसीय CBSE प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला 16 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चली। इसमें कुल 37 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।

CBSE के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण –
इस कार्यशाला के लिए CBSE द्वारा अधिकृत प्रशिक्षक (Resource Person) के रूप में श्री आर. एस. पांडे और श्री अनुराग गुलाल उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने शिक्षकों को CBSE Induction Training Programme के तहत “गुरु दक्षता” विषय पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि –
- CBSE स्कूल में बच्चों की भर्ती प्रक्रिया कैसे होनी चाहिए।
- परीक्षा का संचालन और मूल्यांकन कैसे किया जाए।
- बोर्ड कार्यालय से संबंधित दस्तावेज और नियम क्या हैं।
- कक्षा में पढ़ाने के नए और रोचक तरीके कौन से हैं।

सरस्वती पूजन से हुई शुरुआत –
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। विद्यालय के प्रबंधक श्री दुष्यंत प्रधान और प्राचार्य श्री नरेश निषाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया। प्रबंधक श्री प्रधान ने स्वागत भाषण में कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता ही स्कूल की असली पहचान है, इसलिए शिक्षकों का प्रशिक्षित होना जरूरी है। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षकों को कार्यभार सौंपा। दो दिनों तक सभी शिक्षकों ने पूरी लगन से प्रशिक्षण लिया।
समापन पर सम्मान –
17 अक्टूबर को समापन समारोह में प्रबंधक श्री दुष्यंत प्रधान द्वारा दोनों प्रशिक्षकों को शाल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में प्राचार्य श्री नरेश निषाद ने सभी प्रशिक्षकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
क्यों खास है यह स्कूल – शिक्षा शिखर के नाम से पहचान –
यह स्कूल भले ही कम संसाधनों में चल रहा हो, लेकिन परिणाम बड़े दे रहा है। इसी कारण क्षेत्र के लोग इसे “शिक्षा शिखर” के नाम से जानते हैं।
- यह एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल है जो कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहा है।
- यहां पढ़ने वाले कई बच्चे हर साल जवाहर नवोदय विद्यालय की कठिन परीक्षा पास कर चयनित हो रहे हैं।
- इस स्कूल के कई पूर्व छात्र आज शासन के महत्वपूर्ण पदों जैसे शिक्षक, पटवारी, पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में पहुंच चुके हैं।
- अनुशासन, संस्कार और पढ़ाई – इन तीनों के कारण पालकों का भरोसा इस स्कूल पर लगातार बढ़ रहा है।
CBSE के इस प्रशिक्षण के बाद अब स्कूल की पढ़ाई में और अधिक सुधार होने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ तड़ोला और पुसौर अंचल के बच्चों को मिलेगा।
