50 किमी पदयात्रा कर पहुंचे ज्ञापन देने, पर कलेक्टर भीड़ देखकर नहीं आए, एक हजार से अधिक लोगों की पदयात्रा को कलेक्टोेरेट गेट पर ही रोक दिया गया…

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जांजगीर-चांपा। जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा की सत्याग्रह पदयात्रा जब लाव लश्कर के साथ 50 किमी की दूरी तय कर कलेक्टोरेट पहुंची, तब उन्हें सामने गेट पर ही रोक दिया गया। ज्ञापन लेने अपर कलेक्टर व एसडीएम उनके पास आए, लेकिन विधायक केशव चंद्रा कलेक्टर को ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए। इस बीच विधायक चंद्रा ने प्रशासन को खूब खरी खरी सुना दी। आखिरकार भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, महात्मा गांधी व जैजैपुर की दुखियारिन के भेष में बच्चों को ज्ञापन देने भेजा गया।

आपकों बता दें कि 24 सूत्रीय मांगों को लेकर जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा की अगुवाई में बीते 13 अक्टूबर को सत्याग्रह पदयात्रा भोथिया गांव से प्रारंभ हुई थी, जो विभिन्न गांव होते हुए मंगलवार को केराझरिया चांपा पहुंची। यहां से भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, महात्मा गांधी व जैजैपुर की दुखियारिन बने बच्चों की झांकी और करमा नृत्य के साथ एक हजार से अधिक लोगों की भीड़ कलेक्टोरेट पहुंची। इतनी भीड़ देखकर प्रशाासन भी सकते में आ गया। हालांकि पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्वक थी, लेकिन भीड़ देखकर पूरा प्रशासन सकते में था। अपर कलेक्टर व जांजगीर एसडीएम ने जब प्रतिनिधि मंडल के अंदर जाकर ज्ञापन देने की बात कही, लेकिन विधायक चंद्रा कुछ दर्जन भर लोगों द्वारा कलेक्टर के समक्ष ज्ञापन देने की बात पर अड़े रहे। जब करीब पौन घंटे बाद भी कलेक्टर नहीं आए, तब जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा भड़क गए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासनिक अमला गांधी विचार यात्रा का गुणगान करने जुटा है, लेकिन धरातल पर प्रशासन का विपरीत चेहरा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज को इतने समय तक यहां रोककर उसका अपमान किया जा रहा है। यहां सब्जी भाजी का मोलभाव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पामगढ़, खैरागढ़ व बलौदाबाजार विधायक के अलावा नगरीय निकायों व जिला जनपद के प्रतिनिधि मौजूद है। जाएंगे तो करीब दर्जन भर लोग, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी। तब विधायक ने भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, महात्मा गांधी व जैजैपुर की दुखियारिन के भेष में बच्चों को ज्ञापन देने भेजा गया।

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