सरकारी दफ्तरों में लाखों के सोलर सिस्टम फेल, क्रेडा ने जिले के डेढ़ सौ दफ्तरों में लगाया था सिस्टम

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जांजगीर-चांपा। जिले में विभिन्न कार्यालयों में लगाया गया सोलर सिस्टम देखरेख के अभाव में फेल हो गए है। क्रेडा विभाग ने जिले के 150 शासकीय कार्यालयों में लाखों रुपए खर्च कर सोलर सिस्टम लगाया है, लेकिन विभाग व शासकीय कार्यालयों के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते सोलर सिस्टम खराब हो गए हैं। ऐसे में शासकीय कार्यालयों में बिजली बंद होने पर कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहता है।

राज्य में विद्युत उत्पादन की अपेक्षा दिन ब दिन मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में बिजली की कमी के चलते आए दिन बिजली कटौती की जाती है। जबकि देश में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की प्रचुर उपलब्धता है। ऊर्जा के गैरपरंपरागत स्रोतों का पर्याप्त दोहन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते बिजली संकट आम है। ऐसे में अब शासन का ध्यान भी ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की ओर गया है। सौर ऊर्जा बिजली की कमी दूर करने में बहुत सहायक साबित हो सकती है। विद्युत उत्पादन के अन्य तरीके प्राकृतिक संसाधनों का काफी क्षय करते हैं और उनसे काफी प्रदूषण भी होता है। राज्य शासन द्वारा जिले में शासकीय भवनों में बिजली कटौती के चलते कार्यालयों में होनी वाली समस्या के लिए सोलर प्लांट लगाए जाने की योजना है। जिले के क्रेडा विभाग अक्षय ऊर्जा अभिकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यालयों में 150 सोलर सिस्टम लगाया गया है। इसमें 82 छात्रावास, 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 3 फारेस्ट विभाग, जिला जेल में 2, सक्ती उप जेल में 1, जिला अस्पताल में 2, जिला पंचायत में 2, 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जनपद कार्यालय व नगरपालिका सहित विभिन्न कार्यालयों में 150 सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इससे बिजली की बचत के साथ-साथ प्राकृतिक ऊर्जा का लाभ भी विभागों को मिल सके, लेकिन इनमें से लगभग 30 फीसदी सोलर सिस्टमों में बैटरी में खराबी व रखरखाव की कमी है। इसके चलते विभागों में लगाए गए सोलर सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। इनमें जिला पंचायत सहित अन्य कई शासकीय कार्यालयों में लगे सिस्टमों में बैट्री व केबल की समस्या के चलते सिस्टम बंद पड़े हैं।

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