राजकीय शोक के बावजूद होता रहा हसदेव महोत्सव

जांजगीर-चांपा। प्रदेश के पहले राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय के निधन पर छग शासन के विशेष सचिव ने सरकारी कार्यक्रम पर रोक लगा दिया है। इसके बावजूद चांपा में हसदेव महोत्सव का आयोजन होता रहा। दिलचस्प बात यह है कि प्रोटोकाल उल्लंघन के कारण संसदीय सचिव सहित अन्य भाजपाई विधायकों ने कार्यक्रम में आना मुनासिब नहीं समझा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के प्रथम राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय का 29 जनवरी को निधन हो गया। इस वजह से छग शासन के विशेष सचिव रीता शांडिल्य ने सभी विभाग व कार्यालय प्रमुख को पत्र जारी करते हुए सरकारी स्तर पर आयोजित मनोरंजन के कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद चांपा में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हसदेव महोत्सव का आयोजन होता रहा। दिलचस्प बात यह है इस आयोजन में शुरू से लेकर अंत तक काफी राजनीति हुई है। समापन कार्यक्रम में जिस तरह कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. चरणदास महंत को उपकृत करने मुख्य अतिथि बनाकर भाजपाईयों को उपेक्षित किया गया है, उससे अतिथि भाजपाईयों में नाराजगी है। यही वजह है कि संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, छग अंत्यव्यवसायी निगम के अध्यक्ष निर्मल सिन्हा, चंद्रपुर विधायक युद्धवीर जूदेव, सक्ती विधायक डाॅ. खिलावन साहू अन्य ने समापन कार्यक्रम में आना मुनासिब नहीं समझा। वहीं दूसरी ओर, भाजपाईयों की उपेक्षा के बावजूद शहर के भाजपाई कंधा से कंधा मिलाकर इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में जुटे हुए हैं। इस बात की चर्चा जोरों पर है।
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