मनरेगा से अधिक से अधिक मजदूरीमूलक कार्य कराएं शुरूः सीईओ, महात्मा गांधी नरेगा योजना के कार्यों की समीक्षा बैठक

0
232

जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत सभाकक्ष में शुक्रवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जनपद पंचायत मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जहां पर मजदूरी मूलक कार्य स्वीकृत हुए है, उन कार्यों को तत्काल शुरू कराएं।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से गांव में ही ग्रामीणों को रोजगार देना पहली प्राथमिकता है। इसलिए सभी की जिम्मेदारी बनती है कि मजदूरी मूलक कार्यों को स्वीकृत कराया जाए। वर्तमान में नया तालाब निर्माण, नाली जैसे कार्यों से अधिक मजूदर मिलेंगे। इन्हें जल्द शुरू कराएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के तहत अधिक से अधिक कार्यों को करना है, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने तकनीकी सहायकों से कहा कि नरवा के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बहुत की ध्यान से बनाएं। किसी भी तरह की कोई दिक्कत आती है तो जिला स्तर के अधिकारियों से मार्गदर्शन लें। इसके अलावा मनरेगा के कार्य पूर्ण होने के उपरांत कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र की पंचायतवार समीक्षा की गई। सिक्योर साफट के माध्यम से कार्य स्वीकृत, जियो टैगिंग सहित अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायकों को मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए है। इसके बाद भी अगर कोई मुख्यालय से बाहर पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

गौठान की करें सतत मानीटरिंग
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के तहत गांव में बनाए जा रहे गौठान की सतत मानीटरिंग नोडल अधिकारी करेंगे और उसकी रिपोर्ट भी भेजेंगे। उन्होंने कहा कि धान की फसल की कटाई के बाद जो पैरा बचता है उसे ग्रामीणों की सहभागिता से उचित प्रबंधन करते हुए रखवाने का कार्य करेंगे ताकि आगामी दिनों में गायों को पर्याप्त पैरा मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here