बजट में शिक्षाकर्मियों की अनदेखी, लोकसभा चुनाव में पड़ेगा असर, बजट पर प्रांताध्यक्ष नान्हीदास दीवान ने दी प्रतिक्रिया

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद आज बजट पेश किया गया। इस बजट के प्रति कल तक प्रदेश के सारे कर्मचारी वर्ग बड़े विश्वास और आशा के साथ नए बजट में अपनी उम्मीदों के प्रति प्रतीक्षारत थे। लेकिन घोषणा के प्रारंभ से अंत तक प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों के प्रति किसी तरह का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे शिक्षाकर्मियों में आक्रोश है। 

छत्तीसगढ़ शिक्षक महासंघ के प्रान्ताध्यक्ष नान्हीदास दीवान ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2 वर्ष की सेवा  पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों का पूर्ण संविलियन करना, 10 वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मिर्यों को जो पदोन्नति से वंचित है क्रमोन्नति का लाभ दिया जाएगा। वर्ग 3 की वेतन विसंगति को तत्काल दूर किया जाएगा। अनुकंपा नियुक्ति से लंबित प्रकरण को निशर्त अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जाना, पुराने पेंशन को बहाल किया जाना, प्राचार्य एवं प्रधान पाठक  के पदों में योग्य  एवं अर्हताधारी  शिक्षाकर्मियों को पदोन्नत करने में से  किसी भी  विषय  के  बारे में एक शब्द को  बजट में स्थान ना देकर इतनी बड़ी संख्या के कर्मचारी वर्ग के प्रति अनदेखा करना आने वाले लोकसभा चुनाव में यह निश्चित प्रभावकारी रहेगा। यह बजट प्रदेश के कर्मचारियों के लिए आशा के परे बहुत ही निराशाजनक रहा।

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