पांच करोड़ की सड़क में चढ़ाई जा रही भ्रष्टाचार की परत! तालाब से मिट्टी निकालकर बनाई जा रही सड़क, बम्हनीडीह क्षेत्र का मामला, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का सामने आया कारनामा 

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जांजगीर-चांपा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के काम में गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। अभी पोड़ीशंकर से कपस्दिा गांव के बीच बन रही सड़क में अनियमितता बरती जा रही है। यह कार्य किशन एंड कंपनी रायपुर के जरिए कराया जा रहा है। सड़क निर्माण में बेस काफी महत्वपूर्ण होता है, लेकिन यहां बेस के कार्य में ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। मामले की शिकायत के बावजूद कार्य में सुधार नहीं हो पा रहा है।

आपकों बता दें कि बम्हनीडीह क्षेत्र के ग्राम पोड़ीशंकर से कपिस्दा तक 4 करोड़ 74 लाख 67 हजार रुपए की लागत से सड़क निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य बीते तीन-चार माह से चल रहा है। इस बारे में ग्रामीणों ने कई बार आवाज उठाई और ठेकेदार से निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितता में सुधार करने को कहा, लेकिन उसके कान में जूं तक नहीं रेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की लोकल गिट्टी आपूर्ति कर उच्च क्वालिटी की गिट्टी का बिल पास कराने की भी चर्चा है। पोड़ीशंकर, कपिस्दा गांवों के तालाबों से दर्जनों ट्रैक्टरों मे लाल मिट्टी की आपूर्ति अवैध रूप से सड़क निर्माण में कराई जा रही है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता की जांच करने वाले अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। ग़ुणवत्ता की अनदेखी कर बनाई जाने वाली सड़कें क्षेत्र में दो साल भी नहीं चल पाएगी। जिसका खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को भुगतना पड़ेगा। इधर, सब इंजीनियर का चुनाव कार्य मे ड्यूटी लगी है। इसके चलते ठेकेदार की चांदी हो गई है। ठेकेदार इसका पूरा फायदा उठा रहा है। जबकि सड़क निर्माण के समय एसडीओ इंजीनियर को मौजूद रहना चाहिए था पर यहां तो जिम्मेदार अधिकारियों ने सङ़क का निर्माण ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया है। अधिकारी ठेकेदार के साथ मिलकर धड़ल्ले से सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे है। अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई मतलब नहीं है, उन्हें तो केवल अपने कमीशन से मतलब है।

इस तरह की गड़बड़ी

सड़क का निर्माण कार्य कुछ माह पूर्व से चालू कराया गया है। लेकिन इसमें सही ढंग से गड्ढ़े करके उसमें मेटल मोरम की भराई नहीं हो रही है। सड़क निर्माण में भर्राशाही देखने को मिल रही है। बारिश होने के साथ ही डब्ल्यूएमएम का घटिया निर्माण शुरू कर दिया गया है, उसमें भी गिट्टी का कम इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण कार्य को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि पांच साल की गारंटी वाली सड़क पांच महीने भी नहीं टिक सकती। साथ ही गंदगी साफ किए बिना ही गिट्टी डालने का कार्य कराया जा रहा है। जिससे इसकी मजबूती पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है।

अच्छा निर्माण करने कहा 

इंजीनियर चुनाव कार्य मे लगा है। इस कारण वो सड़क निर्माण स्थल पर नहीं पहुंचा होगा। ठेकेदार को सड़क का निर्माण अपेक्षित गुणवत्ता के साथ करने का निर्देश दिया गया है।  -डीपी राठौर, ईई, पीएमजीएसवाय

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