पति से भरण पोषण पाने भटक रही पत्नी, न्यायालय के आदेश को भी नहीं मान रहा लाखन

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जांजगीर-चांपा। कुटुम्ब न्यायालय के आदेश के बावजूद पत्नी को जीवन निर्वाह भत्ता देने के मूड में उसका पति नहीं है। आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए कुटुम्ब न्यायालय ने पति के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, लेकिन उसका पति पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

जानकारी के अनुसार शिवरीनारायण निवासी रोहणी कश्यप पिता बलदाऊ कश्यप की शादी कटौद निवासी लाखन कश्यप पिता फूलसाय से वर्ष 2006 में हुई थी। इन दोनो के दो लड़कियां है। रोहणी कश्यप वर्ष 2014 से अपनी छोटी पुत्री स्वाति के साथ अपने पिता के घर शिवरनारायण में रह रही है। इसका पति व ससुराली उसकी कोई सुध नहीं ले रहे है। रोहणी कश्यप ने बताया कि उसका पति लाखन कश्यप ने अपने परिवार वालों के दबाव मे आकर उसे एवं उसकी छोटी बच्ची को उसके पिता के घर शिवरीनारायण मे छोड़ दिया है, जबकि उनका भरण पोषण भी नहीं कर रहा है। यह मसला समाज में भी पहुंचा, लेकिन उसके पति व ससुरालियों ने समाज के निर्णय को भी अनसुना कर दिया। तब उसने कुटुम्ब न्यायालय की शरण ली। कुटुम्ब न्यायालय ने रोहणी के पक्ष में फैसला देते हुए उसके पति को प्रति माह 2500 रुपए देने का आदेश बीते 22 फरवरी 2017 को पारित किया लेकिन उसका पति लाखन कश्यप ने इस आदेश को भी नहीं माना। ऐसे में रोहणी ने फिर से कुटुम्ब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, तब न्यायालय ने बीते 27 मार्च 2019 को उसके पति के खिलाफ नवागढ़ थाना को गिरफ्तारी वारंट जारी करने को कहा, लेकिन नवागढ़ पुलिस अब तक उसके पति को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

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