पट्टे का निराकरण नहीं होने से कलेक्टर ने जताई कड़ी नाराजगी, अविवादित नामांतरण के प्रकरणों में लापरवाही पर भड़के कलेक्टर, अपर कलेक्टर व जिपं सीईओ की मौजूदगी में कलेक्टर ने ली बैठक

जांजगीर चांपा। कलेक्टर जेपी पाठक ने आज कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने राजस्व विभाग से संबंधित अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, अतिक्रमण और लोक सेवा केन्द्रों के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर के साथ अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम व जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल मौजूद थे।

बैठक में उन्हांेने कहा कि जमीन जायदातों की खरीदी बिक्री में रजिस्ट्री के बाद नामांतरण का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाता है। पंजीबद्ध होने के बाद नामांतरण के प्रकरणांे का निराकरण किया जाता है, लेकिन अब तक अविवादित नामांतरण के प्रकरण निराकरण नहीं होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और अविवादित नामांतरण के प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सक्ती और चांपा में लोगों को नजूल भूमि के पट्टे दिए गए है। पट्टों का नवीनीकरण नहीं होने पर अपना असंतोष व्यक्त किया और पट्टों के नवीनीकरण का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने 2 वर्ष से अधिक समय तक लंबित राजस्व प्रकरणों की भी जानकारी प्राप्त की और 2 वर्ष से अधिक समय तक लंबित राजस्व प्रकरणों को गंभीरता से लेकर निराकरण करने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्हांेने उद्योगों को जारी आरसीसी के लंबित प्रकरणों की भी जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधितों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने भू-अर्जन और मुआवजा वितरण, ऑनलाइन पंजीयन, गिरदावली, पर्यावरण उपकर, व्यपवर्तन के प्रकरणों आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक मंे उन्होंने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है और राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताआंे वाली योजना है। इन योजनाओं मंे किसी भी प्रकार लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पशुधन के संरक्षण और रखरखाव के लिए स्वीकृत, निर्मित और निर्माणाधीन गौठानों एवं लोक सेवा केन्द्रों में प्राप्त और निराकृत प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए।

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