नपं बलौदा के 17 शिक्षाकर्मियों पर लटक रही बर्खास्तगी की तलवार, सीएमओ ने पक्ष रखने दिया आखिरी मौका, फर्जी तरीके से नियुक्ति का आरोप

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जांजगीर-चांपा। बलौदा में नगर सरकार बदलने के बाद वर्ष 2011-12 में हुई शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में भी नगर सरकार का कड़ा रूख देखने को मिल रहा है। नगर पंचायत बलौदा शिक्षाकर्मी भर्ती को लेकर शुरू से ही विवादों में रही है। मीडिया में भी फर्जी तरीके से शिक्षाकर्मी भर्ती करने का मसला छाया रहा। शासन और न्यायालय तक भी मामला पहुंचा, लेकिन अब तक नतीजा कुछ नहीं निकला। लेकिन अब इन 17 शिक्षाकर्मियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।

जिले के नगर पंचायत बलौदा में वर्ष 2011-12 में शिक्षाकर्मी वर्ग तीन के 17 पदों पर भर्ती हुई थी। इस भर्ती में शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति फर्जी तरीके से होने की शिकायत शासन-प्रशासन तक पहुंची, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब बलौदा में नगर सरकार बदलने के बाद नपं बलौदा के सीएमओ ने सभी 17 शिक्षाकर्मियों को अल्टीमेटम देते हुए तलब किया है। 10 फरवरी को ये शिक्षक अपनी नियुक्ति को सही बताने में कामयाब नहीं हुए, तो इन्हें टरमिनेट कर दिया जायेगा। बलौदा नगर पंचायत ने सभी 17 शिक्षाकर्मियों व मौजूदा एलबी शिक्षकों को पत्र जारी कर 10 फरवरी को दोपहर 12 बजे तक पक्ष रखने के लिए बुलाया है। आपकों बता दें कि इन शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति नगर पंचायत बलौदा में वर्ष 2011-12 में हुई थी। इस मामले में शिकायत के बाद जांजगीर कलेक्टर ने एक जांच टीम गठित की थी, जिसके बाद इन सभी के खिलाफ शिकायत सही पाई गई। कलेक्टर ने जांच टीम की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजा था, जिसके बाद साल 2017 में सरकार ने सभी को बर्खास्त करने का निर्देश दिया था। उस आदेश के परिपालन में अब राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने पक्ष रखने के लिए शिक्षाकर्मियों को आखिरी मौका दिया है। पत्र में कहा गया है कि अगर तय तिथि को शिक्षाकर्मी पहुंचकर अपना पक्ष नहीं रखते हैं, तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

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