जी संजीवा रेड्डी ने गलत ढंग से कराया इंटक का पंजीयनः इंटक राष्ट्रीय महासचिव

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रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय महासचिव छग प्रभारी संतोष सोनी ने पत्रकारवार्ता कर कहा कि जी संजीवा रेड्डी ने 6 फरवरी 2007 में इंटक का गलत ढंग से दिल्ली में रजिस्ट्रेशन कराया था। न्यायालय में शपथ पत्र देकर रेड्डी ने स्वयं ही स्वीकार किया है। इंटक का पहले से ही पंजीयन है। यह मामला न्यायालय में जाने के बाद इसका खुलासा हुआ।

श्री सोनी एवं इंटक प्रदेशाध्यक्ष दीपक दुबे, प्रदेशमहामंत्री रजनीश सेठ, प्रदेश सचिव सुनील कन्हारे, युवा इंटक प्रदेशाध्यक्ष चंद्रेश सिंह ठाकुर, असंगठित इंटक प्रदेशाध्यक्ष संजू तिवारी एवं महिला इंटक प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती सुनीता दुबे ने प्रेस क्लब रायपुर में पत्रकार वार्ता कर इसकी जानकारी देते हुए सुप्रीम कोर्ट की कॉपी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि इंटक के अध्यक्ष पूर्वमंत्री सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे है। जी संजीवा रेड्डी ने जिस इंटक का पंजीयन कराया था, उसे श्री दुबे ने न्यायालय में चुनौती दी है। एक ही नाम से दो ट्रेड यूनियन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। इंटक का निर्माण 3 मई 1947 को हुआ। इसके बाद ही संजीवा रेड्डी ने दिल्ली में पंजीयन कराया था। इससे साफ है कि रेड्डी का इंटक गलत तरीके से पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि रेड्डी देशभर में संबंद्धता के नाम पर वसूली करते रहे हैं। अब वे बालको, भिलाई समेत अन्य स्थानों पर लोकल बॉडी के अध्यक्ष बनकर अपना वर्चस्व बनाने का प्रयास कर रहे हैं और उद्योगपतियों के साथ मिलकर मजदूरों की शोषण लगातार कर रहे आज बाल्को चिमनी हादसा को एक दशक हो गए पर मृत 41 श्रमिको को आज तक मुवाजा नही मिला है भिलाई स्टिल प्लांट में आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार श्रमिक साथी हो रहे हैं और उनकी यूनियन वहां ठेकेदारी करने में व्यस्त हैं बस्तर एनएमडीसी के श्रमिकों के हक नही मिल रहा है उनके तथाकथित अध्यक्ष नंदराज पहाड़ को खोदने के लिए अडानी अम्बानी के साथ खड़े हैं जिससे उसकी दलाली और ठेकेदारी चल सके पहले बार बस्तर के जंगल अंदर के आदिवासीयो ने धरना आंदोलन चालू किये यही नहीं इंटक का मामला जब न्यायालय में गया तो राष्ट्रीय कोयला कामगार संघ इंटक के नाम पर नया यूनियन का पंजीयन कराकर स्वयं अध्यक्ष बन गए। ऐसे में सहज ही समझा जा सकता है कि किस तरह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इंटक में विवाद के चलते कोल इंडिया में अधिकृत प्रतिनिधि सभा जेबीसीसीआई ने इंटक को शामिल नहीं किया गया। इसके पीछे अहम कारण संजीव रेड्डी द्वारा इंटक का दूसरा पंजीयन कराया जाना है। इंटक के बीच इस विवाद के चलते एक बड़ा श्रमिक संगठन जेबीसीसीआई से अलग है। इंटक कांग्रेस हमेशा से जेबीसीसीआई में शामिल होकर श्रमिक हित में निर्णय लेती रही है। प्रबंधन में भी इंटक का दबाव रहता था। लेकिन संजीव रेड्डी के कारण इंटक को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेशी के दौरान संजीव रेड्डी के अधिवक्ता लगातार तारीख बढ़ाते गए। रेड्डी के वकील ने एक बार फिर तिथि बढ़ाने का आवेदन दिया। इस पर हमने आपत्ति जताते हुए कहा कि लगातार तिथि बढ़ाई जा रही है। इससे श्री रेड्डी की मंशा स्पष्ट नहीं हो रही। न्यायालय ने आपत्ति को संज्ञान में लेते हुए माना कि वर्षो से कोर्ट में रेड्डी के वकील की वजह से मामला लंबित है। उन्होंने अंतिम अवसर देते हुए श्री रेड्डी के वकील पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी किया। पिछली सुनवाई के दौरान श्री रेड्डी के प्रतिनिधि के रूप में उसके राष्ट्रीय सचिव पीके राजू ने उपस्थित होकर गवाही देते कहा कि संजीव रेड्डी द्वारा राजिस्टार दिल्ली के समक्ष 2007 में रजिस्ट्रेशन के समय एक शपथ पत्र दिया गया था कि यदि इंटक के नाम के सबंध में कोई विवाद होगा और देश में पहले से इंटक कहीं भी पंजीबद्ध होगी, तो पंजीयन प्रमाणपत्र वापस कर दिया जाएगा या संघ का नाम बदल लूंगा। 6 फरवरी 2007 में इंटक का रजिस्ट्रेशन दिल्ली में किया गया, जबकि श्री ददई दुबे इंटक की ओर से लगातार जवाब दिया गया। अब शीघ्र ही कोर्ट का फैसला इस मामले में आ जाएगा। उन्होंने कहा विगत 10 फरवरी के पेशी में हमारे द्वारा जवाब प्रस्तुत की गई हैं जिससे न्यायालय संतुष्ट हैं और हमारे पक्ष में फैसला होने जा रही हैं संजीवा रेड्डी के द्वारा इंटक को विवादित संघठन बनाकर अपने ही कई लोगो से मिलता जुलता संघठन बना लिए जिनका कोई अस्तित्व नही है छत्तीसगढ़ में इंटक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दीपक दुबे जी हैं जिनके नेतृत्व में आज संघठन दिन प्रतिदिन मजबूत हो रही हैं और श्रमिको मजदूरों की समस्याओं पर प्रमुखतः से लड़ाई लड़ी जा रही हैं ! पत्रकार वार्ता के समय इंटक कांग्रेस हमाल संघ के प्रदेश संयोजक मुकेश कुमार, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष देवानंद वर्मा, रायपुर जिला प्रभारी दयानंद कुर्रे, महिला इंटक जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुर्रे, महिला इंटक प्रदेश महामंत्री गिरजा बंजारे, असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री परमेश्वर कुमार, बिलासपुर जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडे, बिलासपुर महिला जिलाध्यक्ष नीरा साहू, बिलासपुर युवा अध्यक्ष असद खान, जांजगीर चाम्पा जिला अध्यक्ष संजय रत्नाकर, युवा इंटक जिलाध्यक्ष नागेन्द्र साम्ले, प्रदेश सचिव साकेत जांगड़े, बिलासपुर असंगठित जिलाध्यक्ष नरोत्तम बघेल, कवर्धा असंगठित जिलाध्यक्ष मुकेश सिन्हा, प्रदेश उपाध्यक्ष असंगठित सुमित पाल, प्रदेश सचिव सतीस त्रिपाठी, कोरबा जिलाध्यक्ष अशोक जायसवाल रायगढ़, इंटक जिलाध्यक्ष आदिल सिद्धिकी, भिलाई जिलाध्यक्ष इंटक दीपक पाटले, जिलाध्यक्ष महासमुंद अभय सिंह, जिलाध्यक्ष इंटक बलौदाबाजार ग्रामीण एन.एन. राज पाटिल, बलौदाबाजार इंटक जिलाध्यक्ष शहर सत्यजीत शेंडे, जिलाध्यक्ष दंतेवाडा जागरा वेन्जाम, बस्तर संभाग प्रभारी कृष्णा धिरहि, अंजलि श्रीवास, जिला सचिव महिला इंटक, प्रमिला बंजारे सहित भारी संख्या में पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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