जिले में फिसड्डी साबित हो रही कैशलेस योजना

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0 अधिकांश शासकीय कार्यालयों में अब तक नहीं लगी पीओएस मशीन

0 आवेदन करने के बावजूद मशीन के लिए भटक रहे व्यापारी

जांजगीर-चांपा। केन्द्र व राज्य शासन की कैशलेस योजना जिले में फिसड्डी साबित हो रही है। राज्य शासन के आदेश के अनुसार नगरीय निकायों में स्थित शासकीय कार्यालय, दुकानों, संस्थानों व प्रतिष्ठानों में पाईंट ऑफ सेल मशीन लगाया जाना है, लेकिन जिले के अधिकांश शासकीय कार्यालयों में शासन के आदेश के 10 माह बाद भी पीओएस मशीन नहीं लग सकी है। ऐसे में रोजाना लोगों को चिल्हर की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर दुकान संचालकों को आवेदन करने के बाद भी पीओएस के लिए आवेदन करने बावजूद उन्हें मशीन के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में जिले में कैशलेस योजना जिले में फ्लाप हो रही है।

केन्द्र सरकार द्वारा देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार रोकने, कालाधन को रोकने के लिए 500 व 1000 रुपए के पुराने नोट पर प्रतिबंध लगाया गया। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अर्थव्यस्था में सुधार करने के लिए 500 व 2000 रूपए का नया नोट जारी किया गया है। जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में लगे एटीएम में 500 व 2000 रुपए का नोट मिलने से लोगों को परेशानी बढऩे लगी है। दो हजार के नए नोट ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी है चिल्हर नहीं मिलने से दैनिक जरूरत के सामान भी नहीं मिल रहे हैं।

बाजारों में चिल्हर के अभाव में आम आदमी को चिल्हर के लिए भटकना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा बाजारों में बढ़ रही चिल्हर की किल्लत को दूर करने के लिए बाजार को कैशलेस किया जाना है। राज्य शासन द्वारा बाजार को कैशलेस करने के उद्देश्य से जिले में संचालित सभी नगरीय निकायों में संचालित दुकान, संस्थान व प्रतिष्ठानों में लोगों की डिजीटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए पाईट ऑफ सेल (स्वाइप मशीन) लगाए जाने का निर्देश दिया गया है।

राज्य के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय सहित अन्य शहरी निकायों में संचालित नगरपालिका, कालेज, अन्य शासकीय कार्यालय सहित अन्य नगरीय निकायों में जारी किए गुमास्ता लाइसेंसधारी सहित अन्य दुकान संचालकों के लिए मशीन अनिवार्य किया गया है। हालांकि 10 माह पूर्व नगरपालिका ने बैंकर्स की मदद से मेगाकैम्प लगाकर आवदेन भी मंगाया गया था, लेकिन जिले में अब तक पीओएस मशीन नहीं मिलने से चिल्हर की परेशानी जस की तस बनी है।

जिले के अधिकांश शासकीय कार्यालयों में अब भी नगद लेन-देन की प्रक्रिया जारी है। नगर पालिका कार्यालय में विभिन्न कर भुगतान करने पहुंचे लोगों से रसीद काटकर नगद लेनदेन किया जा रहा है। इसी तरह जिले के अन्य शासकीय कार्यालयों में पीओएस मशीन के अभाव में लोगों को शासकीय कार्यो के लिए भी नगद लेनदेन करना पड़ रहा है। ऐसे में केन्द्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी कैशलेस योजना जिले में फ्लाप साबित हो रही है।

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