गोठान से फसलों की होगी सुरक्षा, मुख्यमंत्री ने ग्राम अमोरा के आदर्श गोठान का किया भ्रमण, पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर सीएम ने की खेती-किसानी की चर्चा

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जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जांजगीर-चंाापा जिले के विकासखण्ड नवागढ़ में बनाए गए आदर्श गोठान का भ्रमण कर कोटना, पानी की व्यवस्था, शेड, चारागाह आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने गायों की पूजा की और चारा भी खिलाया। गोठान परिसर में पीपल, जामुन, आम के पौधे रोपे। गोठान में लगे पुराने बरगद पेड़ के नीचे गोठान समिति के सदस्य, गांव के जनप्रनिनिधि व ग्रामीणों से गोठान प्रबंधन के संबंध में चौपाल लगाकर चर्चा की।

श्री बघेल ने कहा कि गांव की समृद्धि की पहचान ही गाय है। मवेशियों के होने से ही फसल उत्पादन में वृद्धि संभव है। गोठान में गायों के रहने से खेत में लगी फसल सुरक्षित रहेगी। इसके लिए खेत को घेरने की आवश्यकता नहीं होगी। गोठान में पानी, चारा, छांव आदि की व्यवस्था होने से मवेशी गोठान की ओर आकर्षित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोठान में चरवाहो की नियुक्ति की जाएगी। जिसके लिए वेतन की व्यवस्था भी गोठान की आमदनी से होगी। गायों के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जाएगा। जैविक खेती के लिए इस खाद की विशेष मांग है। इसे अब किलो के भाव से बेचकर अधिक आमदनी ली जा सकेगी। इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गरूवा, घुरवा, नरवा और बाड़ी के बेहतर प्रबंधन के लिए ग्रामीणों से सुझाव भी लिया। ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समिति के माध्यम से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। गोठान भ्रमण के दौरान प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमसाय टेकाम, चन्द्रपुर विधायक रामकुमार यादव, नवागढ़ जनपद के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, ग्राम पंचायत सरपंच एव गोठान समिति के अध्यक्ष रामकृष्ण कश्यप, कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक, पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश शर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

शराब से रहें दूर
मुख्यमंत्री ने दूध का महत्व बताते हुए कहा कि दूध हमारे शरीर के लिए लाभदायक है। शरीर को सुपोषित करता है। दूध बेचकर किसान अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कृष्ण लीला में माखन चोरी के प्रसंग की चर्चा भी की। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि राज्य से बाहर ले जा रहे माखन, दूध को रोकने के लिए भगवान कृष्ण ने माखन लूट की योजना बनाई थी। भगवान कृष्ण अपने राज्य के बच्चों को माखन व दूध को देना चाहते थे। माखन, दही व दूध के बाहर ले जाने से उनके राज्य के बच्चे वंचित हो रहे थे। उन्होंने इस प्रसंग के साथ शराब जैसे दुर्व्यसन से दूर रहने की भी सलाह दी।

जैविक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को जैविक खाद का महत्व बताया। खाद मवेशियों के गोबर से ही स्थानीय स्तर पर तैयार हो जाता है। इससे जमीन की उर्वरता बढ़ती है। फसल में बीमारी कम होने से दवाइयों का खर्च भी कम होता है। रासायनिक खाद की तुलना में जैविक खाद सस्ता है। रासायनिक खाद के उपयोग से जमीन की उर्वता कम होती है और फसलों में बीमारी भी अधिक होती है।

खेत में न जलाएं पैरा
मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि फसल अपशिष्ट पैरा को खेत में जलाकर नष्ट न करें। पैरा को गोठान मंे दान करे। इससे गोठान में चारा की व्यवस्था हो जाएगी। पैरा को खेत में जलाने से भूमि की उर्वरा कम होती है और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है। गोठान में मवेशियों के लिए चारा भी उगाया जाएगा। इसके लिए शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है।

सीएम ने की घोषणा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान ग्राम अमोरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ करने, किसानों की धान खरीदी के लिए धान खरीदी केन्द्र की स्थापना, ग्राम मुड़पार से अमोरा तक सड़क मार्ग का उन्न्यन और ग्राम अमोरा के महत्वपूर्ण तालाब का सौंदर्यीकरण करने की घोषणा की। उन्होंने इन सभी घोषणाओं को यथाशीघ्र पूरा करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए।

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