गांधी युगों युगों तक अमर रहेंगे. चाहे उनके खिलाफ कितने ही दुष्प्रचार करने की कोशिश की जाए

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महात्मा गांधी तो अमर है। वो कल भी थे आज भी है और सदा रहेंगे अपनी विचारधारा के रूप में। चाहे तो छुआछूत को न मानने की बात हो चाहे बुरा मत देखो बुरा मत बोलो बुरा मत सोचो चाहे सत्याग्रह चाहे, सत्य और अहिंसा के मार्ग के रूप में गांधीवादी विचारधारा, जिससे न केवल देश समूचा विश्व प्रभावित हुआ।

भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया है। उनका कहना है कि गोडसे को आतंकी कहने वालों को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। राष्ट्रपिता का हत्यारा भला देशभक्त कैसे हो गया?
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला भवन में गोली मारकर कर दी गई थी। 30 जनवरी 1948 की शाम को जब वे प्रार्थना के लिए जा रहे थे तभी नाथूराम गोडसे ने पहले उनके पैर छुए, फिर महात्मा गांधी पर तीन गोलियां दाग दीं। क्या पहले पैर छुए फिर मारा इसलिए देशभक्त हो गए या देश के राष्ट्रपिता की हत्या करके देशभक्त हो गए या दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले की हत्या करके देशभक्त हुए? गांधी जी धर्म के नाम पे साम्प्रदायिक दंगे फैलाने वालों की कुंठा के रूप में गोली का शिकार हुए। पूरा विश्व गोडसे को नही मानता लेकिन समूचा विश्व गांधीवादी विचारधारा का सम्मान सदा ही करता आया है। क्योंकि गांधी युगों युगों तक अमर रहेंगे चाहे उनके खिलाफ कितने ही दुष्प्रचार करने की कोशिश की जाए।

-पूजा अग्रवाल, रायपुर छत्तीसगढ़

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